निज़ाम मीर उस्मान अली खान – दुनिया का सबसे अमीर भारतीय !

दुनिया में आज भी अगर संपत्ति की बात हो और हैदराबाद के 7 वे निज़ाममीर उस्मान अली खान का नाम ना आये ऐसा मुश्किल है। अपनी अपार दौलत और शाही ठाठ के लिए जाने वाले निज़ाम कई यूरोपीय देशो की GDP से भी ज्यादा अमीर थे, उनकी संपत्ति और विरासत आज भी एक सर्चा का विषय है। लाखो एकड़ जमीन, बेस कीमती हीरे-जवेरात और लाखो टन सोने-चांदी के मालिक निज़ाम मीर उस्मान अली खान दुनिया के सबसे अमीर आदमी थे। निज़ाम मीर उस्मान अली खान हैदराबाद के 7 वे और अंतिम शाशक थे, जिन्होंने साल 1911 से 1948 तक हैदराबाद पर शाशन किया।

कहा से आई इतनी दौलत

निज़ाम भारत की सबसे बड़ी और समृद्ध रियासत के शाशक थे। उनकी आय का मुख्य स्रोत भूमि कर, प्रजा से मिलने वाला टैक्स और हिरे और सोने की खदानों से आने वाली कमाई थी। निज़ाम के शाशन काल में पुरे भारत में हिरे और सोने का खनन उनके राज्य में ही होता था, जिनसे उन्हें बेशुमार धन मिलता था। इसके अलावा हैदराबाद की एक अपनी मुद्रा और अपना एक बैंक हैदराबाद स्टेट बैंक भी था, जिस पर भी पूरा नियंत्रण निज़ाम मीर उस्मान अली खान का ही था।

दुनिया के सबसे अमीर आदमी

टाइम मैगज़ीन ने साल 1937 में निज़ाम मीर उस्मान अली खान को दुनिया का सबसे अमीर आदमी बताया था। उनकी संपत्ति को आज के आकड़ो के हिसाब से देखा जाये तो करीब 230 अरब डॉलर के आस – पास होती है। निज़ाम अपने समय में इतने अमीर थे की अगर कई देशो को एक साथ मिलाया जाये तो भी उनकी संपत्ति का कोई मुकाबला नहीं था।

बड़े बड़े देशो को करते थे मदद और देते थे कर्ज

निज़ाम ने अपने शाशन काल में कई बड़े देशो और रियासतों को आर्थिक मदद की और उनको कर्ज भी दिया। प्रथम विश्व युद्ध में निज़ाम ने ब्रिटिश सरकार के लिए अपने धन के भंडार खोल दिए थे और भारी आर्थिक सहायता की थी, साथ ही अपनी सेना को भी युद्ध में लड़ने के लिए भेजा था। इससे निज़ाम और ब्रिटिश सरकार के बिच एक अच्छा रिस्ता कायम हुआ और ब्रिटिश सरकार ने निज़ाम को सबसे वफादार और शक्तिशाली भारतीय शाशक कहा

ब्रिटेन के साथ ही उन्होंने आजादी से पहले ब्रिटिश इंडियन गवर्मेन्ट और नए बने देश पाकिस्तान को भी काफी आर्थिक सहायता की।

एलिजाबेथ द्वितीय को दिया दुनिया का सबसे महंगा हार

क़्वीन एलिजाबेथ द्वितीय और राजकुमार फिलिप की सगाई के बाद निज़ाम मीर उस्मान अली खान ने एक बेश कीमती हार तोहफे में दिया था जिसे एलिजाबेथ द्वितीय ने अपनी आखरी साँस तक पहना। इस हार को आज भी दुनिया की सबसे महंगी ज्वेलरी माना जाता है और आज के समय पर उसकी कीमत 700 करोड़ से भी ज्यादा मानी जाती है।

कम खर्च करने के लिए जाने जाते थे

इतनी अपार सम्पति होने के बावजूद भी निज़ाम को एक कंजूस शाशक के तोर पर जाना जाते है, और उनकी कंजूसी के किस्से आज भी मशहूर है।

निज़ाम मीर उस्मान अली खान कभी महंगे कपडे या जेवरात नहीं पहनते थे और न ही कोई शाही शोख रखते थे, वे हमेशा से सादगी भरे कपडे और पुरानी टोपी पहना करते थे। साथ ही अपने महल में एक छोटे से कमरे में रहा करते थे। हजारो सोने के बर्तन होने के बाद भी वो एक टिन की थाली में जमीन पर बैठ कर खाना खाया करते थे।

जैकब डाइमंड पड़ा रहता था टेबल पर

दुनिया के 7 सबसे कीमती हीरो में से एक जेकब डाइमंड निज़ाम के टेबल पर पड़ा रहता था, निम्बू के आकर के इस हिरे का उपयोग वो एक पेपर वेइट के तोर पर करते थे। ये आज भी एक सर्चा का विषय है दुनिया के लोगो के लिए।

मीर उस्मान अली खा दुनिया के सबसे अमीर शाशक या एक सादगी पूर्ण इंसान क्या कहेंगे आप ?

एक ऐसा शाशक जिसने ब्रिटेन की महारानी को करोडो का तोहफा दीया या एक ऐसा शाशक जिसने उस्मानिया विश्व विद्यालय की स्थापना की और शिक्षा में सुधार किया, आप कैसे याद करेंगे निज़ाम मीर उस्मान अली खान को ?

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